Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 14.86.2: भ्राता! ये जगत् पर शासन करने वाले और यहाँ आए हुए राजा सब मनुष्यों में श्रेष्ठ और पूजनीय हैं; अतः तुम्हें इनका यथायोग्य पूजन करना चाहिए॥2॥   |   mahabharat अध्याय 14.86: राजा युधिष्ठिरका भीमसेनको राजाओंकी पूजा करनेका आदेश और श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे अर्जुनका संदेश कहना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 86: राजा युधिष्ठिरका भीमसेनको राजाओंकी पूजा करनेका आदेश और श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे अर्जुनका संदेश कहना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  14.86.2 
उपयाता नरव्याघ्रा य एते पृथिवीश्वरा:।
एतेषां क्रियतां पूजा पूजार्हा हि नराधिपा:॥ २॥
 
 
अनुवाद
भ्राता! ये जगत् पर शासन करने वाले और यहाँ आए हुए राजा सब मनुष्यों में श्रेष्ठ और पूजनीय हैं; अतः तुम्हें इनका यथायोग्य पूजन करना चाहिए॥2॥
 
Brother! These kings who rule the world and have come here are the best of all men and worthy of worship; therefore you should worship them appropriately.'॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)