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mahabharat 14.86.18: (भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं,) 'हे कुन्तीपुत्र! उस पुरुष ने अर्जुन की कही हुई बात के विषय में मुझसे एक और बात कही थी। कृपया वह भी मुझसे सुनो।॥18॥   |   mahabharat अध्याय 14.86: राजा युधिष्ठिरका भीमसेनको राजाओंकी पूजा करनेका आदेश और श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे अर्जुनका संदेश कहना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.86.18 
इदमन्यच्च कौन्तेय वच: स पुरुषोऽब्रवीत्।
धनंजयस्य नृपते तन्मे निगदत: शृणु॥ १८॥
 
 
अनुवाद
(भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं,) 'हे कुन्तीपुत्र! उस पुरुष ने अर्जुन की कही हुई बात के विषय में मुझसे एक और बात कही थी। कृपया वह भी मुझसे सुनो।॥18॥
 
(Lord Krishna says,) 'O son of Kunti! That man had told me one more thing about what Arjun had said. Please listen to that also from me.॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)