गाश्चैव महिषीश्चैव तथा वृद्धस्त्रियोऽपि च।
औदकानि च सत्त्वानि श्वापदानि वयांसि च॥ ३३॥
जरायुजाण्डजातानि स्वेदजान्युद्भिदानि च।
पर्वतानूपजातानि भूतानि ददृशुश्च ते॥ ३४॥
अनुवाद
गायें, भैंसें, बूढ़ी औरतें, जलीय जीव, हिंसक जीव, पक्षी, जरायुज जीव, अण्डजरूज जीव, पसीना बहाने वाले जीव, पौधे, पहाड़ों और समुद्रतट पर पैदा होने वाले जीव - ये सब वहाँ दिखाई दे रहे थे।
Cows, buffaloes, old women, aquatic animals, ferocious animals, birds, viviparous animals, oviparous animals, sweating animals, plants, creatures born on mountains and on the seashore - all these were visible there.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥