घटान् पात्री: कटाहानि कलशान् वर्धमानकान्।
न हि किञ्चिदसौवर्णमपश्यन् वसुधाधिपा:॥ ३०॥
अनुवाद
घड़े, बरतन, कड़ाही, सुराही और बहुत-से कटोरे भी उनके सामने आए। पृथ्वी के उन राजाओं को वहाँ सोने से बनी कोई वस्तु न दिखाई दी।
Pitchers, vessels, pans, pitchers and many bowls also came in their sight. Those kings of the earth did not see any thing there that was not made of gold.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥