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mahabharat 14.85.23: पृथ्वीनाथ! सभी श्रेष्ठ ब्राह्मण अपने शिष्यों सहित वहाँ आये। कुरुराज युधिष्ठिर ने उन सबका स्वागत किया॥ 23॥   |   mahabharat अध्याय 14.85: यज्ञभूमिकी तैयारी, नाना देशोंसे आये हुए राजाओंका यज्ञकी सजावट और आयोजन देखना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.85.23 
ये च द्विजातिप्रवरास्तत्रासन् पृथिवीपते।
समाजग्मु: सशिष्यास्तान् प्रतिजग्राह कौरव:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
पृथ्वीनाथ! सभी श्रेष्ठ ब्राह्मण अपने शिष्यों सहित वहाँ आये। कुरुराज युधिष्ठिर ने उन सबका स्वागत किया॥ 23॥
 
Prithvinath! All the great men among the Brahmins came there along with their disciples. Kuru King Yudhishthira welcomed them all.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)