श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 85: यज्ञभूमिकी तैयारी, नाना देशोंसे आये हुए राजाओंका यज्ञकी सजावट और आयोजन देखना  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  14.85.17 
तथा सम्प्रेषयामास दूतान् नृपतिशासनात्।
भीमसेनो महाबाहो राज्ञामक्लिष्टकर्मणाम्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
यह सब हो जाने पर भीमसेन ने महाराज युधिष्ठिर की आज्ञा से अनेक दूतों को भेजकर उन राजाओं को आमंत्रित किया, जिन्होंने बिना किसी प्रयास के ही महान पराक्रम का परिचय दिया था।
 
After all this was done, Bhimasena, by Maharaja Yudhishthira's order, sent many messengers to invite various kings who had displayed great valour without any effort.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)