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mahabharat 14.83.7: मुकुटधारी महाबली अर्जुन दशार्णराज चित्रांगदा को भी अपने वश में करके निषादराज एकलव्य के राज्य में गये। 7.   |   mahabharat अध्याय 14.83: दक्षिण और पश्चिम समुद्रके तटवर्ती देशोंमें होते हुए अश्वका द्वारका, पञ्चनद एवं गान्धार देशमें प्रवेश   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 83: दक्षिण और पश्चिम समुद्रके तटवर्ती देशोंमें होते हुए अश्वका द्वारका, पञ्चनद एवं गान्धार देशमें प्रवेश  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  14.83.7 
तं चापि वशमानीय किरीटी पुरुषर्षभ:।
निषादराज्ञो विषयमेकलव्यस्य जग्मिवान्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
मुकुटधारी महाबली अर्जुन दशार्णराज चित्रांगदा को भी अपने वश में करके निषादराज एकलव्य के राज्य में गये। 7.
 
The great man wearing crown, Arjun having subdued even Dasharnaraj Chitrangada, went to the kingdom of Nishadraj Ekalavya. 7.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)