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श्री महाभारत
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पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व
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अध्याय 82: मगधराज मेघसन्धिकी पराजय
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श्लोक 30
श्लोक
14.82.30
तत्र तत्र च भूरीणि म्लेच्छसैन्यान्यनेकश:।
विजिग्ये धनुषा राजन् गाण्डीवेन धनंजय:॥ ३०॥
अनुवाद
महाराज! उन देशों में अर्जुन ने केवल गाण्डीव धनुष की सहायता से म्लेच्छों की अनेक सेनाओं को परास्त किया था।
King! In those countries Arjuna defeated many armies of the mlechha with the help of only the Gandiva bow.
इति श्रीमहाभारते आश्वमेधिके पर्वणि अनुगीतापर्वणि अश्वानुसरणे मागधपराजये द्वॺशीतितमोऽध्याय:॥ ८२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आश्वमेधिकपर्वके अन्तर्गत अनुगीतापर्वमें मगधराजकी पराजयविषयक बयासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ८२॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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