श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 82: मगधराज मेघसन्धिकी पराजय  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  14.82.28 
इत्युक्त: स तथेत्युक्त्वा पूजयामास तं हयम्।
फाल्गुनं च युधि श्रेष्ठं विधिवत् सहदेवज:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
उनके ऐसा कहने पर सहदेवपुत्र ने 'बहुत अच्छा' कहकर उनकी आज्ञा स्वीकार की और युद्धभूमि में श्रेष्ठ योद्धा अर्जुन तथा घोड़े की विधिपूर्वक पूजा की॥ 28॥
 
On his saying so, Sahadeva's son accepted his command saying 'very good' and worshipped the horse and Arjuna, the best warrior of the battlefield in a proper manner.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)