vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व
»
अध्याय 82: मगधराज मेघसन्धिकी पराजय
»
श्लोक 21
श्लोक
14.82.21
सा गदा शकलीभूता विशीर्णमणिबन्धना।
व्याली विमुच्यमानेव पपात धरणीतले॥ २१॥
अनुवाद
गदा का मूठ टूटकर टुकड़े-टुकड़े हो गया। वह उसी अवस्था में हाथ से छूटकर सर्प के समान पृथ्वी पर गिर पड़ी। 21.
The handle of the mace broke and broke into pieces. In that state, it fell to the earth like a serpent that had slipped from the hand. 21.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×