vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व
»
अध्याय 82: मगधराज मेघसन्धिकी पराजय
»
श्लोक 13
श्लोक
14.82.13
ध्वजे पताकादण्डेषु रथे यन्त्रे हयेषु च।
अन्येषु च रथाङ्गेषु न शरीरे न सारथौ॥ १३॥
अनुवाद
उन्होंने मेघसन्धि के ध्वज, पताका, दण्ड, रथ, उपकरण, घोड़ों तथा रथ के अन्य भागों पर बाण चलाये; किन्तु उसके शरीर या सारथी पर कोई वार नहीं किया।
He shot arrows at Meghsandhi's flag, banner, staff, chariot, equipment, horses and other chariot parts; but did not strike his body or the charioteer.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×