श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 81: उलूपीका अर्जुनके पूछनेपर अपने आगमनका कारण एवं अर्जुनकी पराजयका रहस्य बताना, पुत्र और पत्नीसे विदा लेकर पार्थका पुन: अश्वके पीछे जाना  »  श्लोक 9-10h
 
 
श्लोक  14.81.9-10h 
न हि भीष्मस्त्वया वीर युद्धॺमानो हि पातित:॥ ९॥
शिखण्डिना तु संयुक्तस्तमाश्रित्य हतस्त्वया।
 
 
अनुवाद
वीर! भीष्मजी जब आपसे युद्ध कर रहे थे, तब आपने उन्हें नहीं मारा, वे शिखण्डी से उलझे हुए थे। उस अवस्था में आपने शिखण्डी की आड़ लेकर उन्हें मार डाला॥9 1/2॥
 
Valiant! You did not kill Bhishmaji while he was fighting with you, he was entangled with Shikhandi. In that condition, you killed him by taking cover of Shikhandi.॥9 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)