Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.81.8-9h: महाबाहु धनंजय! मैं जो कुछ कहता हूँ, उसे ध्यानपूर्वक सुनो। पार्थ! महाभारत युद्ध में शान्तनुपुत्र महाराज भीष्म की अन्यायपूर्वक हत्या के पाप का यह प्रायश्चित है। | mahabharat अध्याय 14.81: उलूपीका अर्जुनके पूछनेपर अपने आगमनका कारण एवं अर्जुनकी पराजयका रहस्य बताना, पुत्र और पत्नीसे विदा लेकर पार्थका पुन: अश्वके पीछे जाना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाबाहु धनंजय! मैं जो कुछ कहता हूँ, उसे ध्यानपूर्वक सुनो। पार्थ! महाभारत युद्ध में शान्तनुपुत्र महाराज भीष्म की अन्यायपूर्वक हत्या के पाप का यह प्रायश्चित है।
Mahabahu Dhananjaya! Please listen carefully to all that I say. Parth! This is the atonement for the sin of unjustly killing Shantanu's son Maharaj Bhishma in the Mahabharata war. 8 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥