Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.81.30: महाबाहो! आप जानते हैं कि दीक्षा लेने के बाद मैं विशेष नियमों का पालन करते हुए विचरण कर रहा हूँ। अतः हे विशाललोचन! जब तक यह दीक्षा पूर्ण नहीं हो जाती, मैं आपके नगर में प्रवेश नहीं करूँगा। 30। | mahabharat अध्याय 14.81: उलूपीका अर्जुनके पूछनेपर अपने आगमनका कारण एवं अर्जुनकी पराजयका रहस्य बताना, पुत्र और पत्नीसे विदा लेकर पार्थका पुन: अश्वके पीछे जाना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विदितं ते महाबाहो यथा दीक्षां चराम्यहम्।
न स तावत् प्रवेक्ष्यामि पुरं ते पृथुलोचन॥ ३०॥
अनुवाद
महाबाहो! आप जानते हैं कि दीक्षा लेने के बाद मैं विशेष नियमों का पालन करते हुए विचरण कर रहा हूँ। अतः हे विशाललोचन! जब तक यह दीक्षा पूर्ण नहीं हो जाती, मैं आपके नगर में प्रवेश नहीं करूँगा। 30।
‘Mahabaho! You know that after taking initiation, I am moving around following special rules. Therefore, Vishallochan! Until this initiation is completed, I will not enter your city. 30.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥