Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.81.19: "अच्छा, अब जाओ।" वसुओं के ऐसा कहने पर मेरे पिता ने आकर मुझसे यह कहा। यह सुनकर मैंने तद्नुसार आचरण किया और तुम्हें उस शाप से मुक्त कर दिया॥19॥ | mahabharat अध्याय 14.81: उलूपीका अर्जुनके पूछनेपर अपने आगमनका कारण एवं अर्जुनकी पराजयका रहस्य बताना, पुत्र और पत्नीसे विदा लेकर पार्थका पुन: अश्वके पीछे जाना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
"अच्छा, अब जाओ।" वसुओं के ऐसा कहने पर मेरे पिता ने आकर मुझसे यह कहा। यह सुनकर मैंने तद्नुसार आचरण किया और तुम्हें उस शाप से मुक्त कर दिया॥19॥
“Okay, now go” When the Vasus said this, my father came and told me this. After listening to this, I acted accordingly and freed you from that curse.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥