Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.81.16-17h: वह तुरन्त वसुओं के पास गया और उन्हें बार-बार प्रसन्न करके उनसे तुम्हारे लिए क्षमा मांगने लगा। तब वसुओं ने उससे इस प्रकार कहा -॥16 1/2॥ | mahabharat अध्याय 14.81: उलूपीका अर्जुनके पूछनेपर अपने आगमनका कारण एवं अर्जुनकी पराजयका रहस्य बताना, पुत्र और पत्नीसे विदा लेकर पार्थका पुन: अश्वके पीछे जाना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पिता तु मे वसून् गत्वा त्वदर्थे समयाचत॥ १६॥
पुन: पुन: प्रसाद्यैतांस्त एनमिदमब्रुवन्।
अनुवाद
वह तुरन्त वसुओं के पास गया और उन्हें बार-बार प्रसन्न करके उनसे तुम्हारे लिए क्षमा मांगने लगा। तब वसुओं ने उससे इस प्रकार कहा -॥16 1/2॥
He immediately went to the Vasus and started pleasing them again and again and asking for forgiveness from them for you. Then the Vasus spoke to him in this manner -॥ 16 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥