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mahabharat 14.81.1: अर्जुन बोले - कौरव्य नामक कुल को आनन्द पहुँचाने वाली उलूपी! आप और मणिपुर नरेश बभ्रुवाहन की माता चित्रांगदा, इस युद्धभूमि में किस कारण से आई हैं?   |   mahabharat अध्याय 14.81: उलूपीका अर्जुनके पूछनेपर अपने आगमनका कारण एवं अर्जुनकी पराजयका रहस्य बताना, पुत्र और पत्नीसे विदा लेकर पार्थका पुन: अश्वके पीछे जाना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 81: उलूपीका अर्जुनके पूछनेपर अपने आगमनका कारण एवं अर्जुनकी पराजयका रहस्य बताना, पुत्र और पत्नीसे विदा लेकर पार्थका पुन: अश्वके पीछे जाना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  14.81.1 
अर्जुन उवाच
किमागमनकृत्यं ते कौरव्यकुलनन्दिनि।
मणिपूरपतेर्मातुस्तथैव च रणाजिरे॥ १॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन बोले - कौरव्य नामक कुल को आनन्द पहुँचाने वाली उलूपी! आप और मणिपुर नरेश बभ्रुवाहन की माता चित्रांगदा, इस युद्धभूमि में किस कारण से आई हैं?
 
Arjun said - Ulupi, the one who brings joy to the family named Kauravya! What is the reason for you and Chitrangada, mother of Manipur king Babhruvahana, coming to this battlefield? 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)