Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.80.3: उलूपी! देखो, हमारे पति मरकर युद्धभूमि में सो रहे हैं। तुम्हारी प्रेरणा से ही मेरे पुत्र ने विजयी अर्जुन को मार डाला है।' | mahabharat अध्याय 14.80: चित्रांगदाका विलाप, मूर्च्छासे जगनेपर बभ्रुवाहनका शोकोद्गार और उलूपीके प्रयत्नसे संजीवनीमणिके द्वारा अर्जुनका पुन: जीवित होना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उलूपी! देखो, हमारे पति मरकर युद्धभूमि में सो रहे हैं। तुम्हारी प्रेरणा से ही मेरे पुत्र ने विजयी अर्जुन को मार डाला है।'
‘Ulupi! Look, our husbands are dead and are sleeping on the battlefield. It is because of your inspiration that my son has killed the victorious Arjun.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥