श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुन और बभ्रुवाहनका युद्ध एवं अर्जुनकी मृत्यु  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  14.79.4 
संरक्ष्यमाणं तुरगं यौधिष्ठिरमुपागतम्।
यज्ञियं विषयान्ते मां नायौत्सी: किं नु पुत्रक॥ ४॥
 
 
अनुवाद
पुत्र! मैं राजा युधिष्ठिर के यज्ञ के अश्व की रक्षा करता हुआ तुम्हारे राज्य में आया हूँ। फिर भी तुम मुझसे युद्ध क्यों नहीं करते?॥4॥
 
Son! I have entered your kingdom while protecting the sacrificial horse of King Yudhishthira. Still why do you not fight with me?॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)