श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुन और बभ्रुवाहनका युद्ध एवं अर्जुनकी मृत्यु  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  14.79.38 
भर्तारं निहतं दृष्ट्वा पुत्रं च पतितं भुवि।
चित्राङ्गदा परित्रस्ता प्रविवेश रणाजिरे॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
पति मारा गया और पुत्र भी अचेत होकर भूमि पर पड़ा है। यह देखकर चित्रांगदा व्यथित मन से युद्धभूमि में उतरीं।
 
The husband was killed and the son was also lying unconscious on the ground. Seeing this, Chitrangada entered the battleground with a distressed heart.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)