श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुन और बभ्रुवाहनका युद्ध एवं अर्जुनकी मृत्यु  »  श्लोक 36-37
 
 
श्लोक  14.79.36-37 
व्यायम्य संयुगे राजा दृष्ट्वा च पितरं हतम्॥ ३६॥
पूर्वमेव स बाणौघैर्गाढविद्धोऽर्जुनेन ह।
पपात सोऽपि धरणीमालिङ्‍‍ग्य रणमूर्धनि॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
राजा बभ्रुवाहन युद्धभूमि में बड़े प्रयत्न से लड़े। वे भी अर्जुन के बाणों से पहले ही बुरी तरह घायल हो चुके थे। अतः अपने पिता को मारा गया देखकर वे भी युद्धभूमि में मूर्छित होकर गिर पड़े और पृथ्वी का आलिंगन करने लगे। 36-37
 
King Babruvahana fought with great effort on the battlefield. He too was already badly injured by Arjuna's arrows. So, on seeing his father killed, he too fell unconscious on the battlefield and started embracing the earth. 36-37.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)