श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुन और बभ्रुवाहनका युद्ध एवं अर्जुनकी मृत्यु  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  14.79.26 
विमुञ्चाम्येष ते बाणान् पुत्र युद्धे स्थिरो भव।
इत्येवमुक्त्वा नाराचैरभ्यवर्षदमित्रहा॥ २६॥
 
 
अनुवाद
ठीक है पुत्र! अब मैं तुम पर बाण चलाता हूँ। तुम सावधान और स्थिर रहो।’ ऐसा कहकर शत्रुओं का संहार करने वाले अर्जुन ने बभ्रुवाहन पर बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी॥ 26॥
 
Okay son! Now I will shoot an arrow at you. You be alert and steady.' Saying this, Arjuna, the slayer of enemies, started raining arrows on Babhruvahan.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)