श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुन और बभ्रुवाहनका युद्ध एवं अर्जुनकी मृत्यु  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  14.79.20 
तयो: समभवद् युद्धं पितु: पुत्रस्य चातुलम्।
देवासुररणप्रख्यमुभयो: प्रीयमाणयो:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
पिता-पुत्र दोनों खुशी-खुशी युद्ध कर रहे थे। उनका युद्ध देवताओं और दानवों के बीच के युद्ध के समान भयंकर लग रहा था। इस संसार में उसकी कहीं कोई तुलना नहीं थी।
 
Both father and son were fighting happily. Their battle seemed as fierce as the war between gods and demons. It had no comparison anywhere in this world.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)