श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुन और बभ्रुवाहनका युद्ध एवं अर्जुनकी मृत्यु  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  14.79.13 
एवं दुर्मर्षितो राजा स मात्रा बभ्रुवाहन:।
मनश्चक्रे महातेजा युद्धाय भरतर्षभ॥ १३॥
 
 
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ! अपनी माता के द्वारा इस प्रकार अमरत्व प्राप्त होने पर तेजस्वी राजा बभ्रुवाहन ने मन ही मन युद्ध करने का निश्चय किया ॥13॥
 
Bharatshrestha! On being thus given immortality by his mother, the brilliant king Babhruvahana decided in his mind to fight a war. 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)