श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुन और बभ्रुवाहनका युद्ध एवं अर्जुनकी मृत्यु  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  14.79.11 
उलूपीं मां निबोध त्वं मातरं पन्नगात्मजाम्।
कुरुष्व वचनं पुत्र धर्मस्ते भविता पर:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
पुत्र! तुम्हें यह जानना चाहिए कि मैं तुम्हारी सौतेली माँ, नागराजकुमारी उलूपी हूँ। तुम्हें मेरी आज्ञा का पालन करना चाहिए। ऐसा करने से तुम्हें महान पुण्य की प्राप्ति होगी।॥11॥
 
Son! You should know that I am your stepmother, the serpent princess Ulupi. You should follow my orders. By doing this you will attain great virtue.'॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)