श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 76: अर्जुनके द्वारा वज्रदत्तकी पराजय  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  14.76.6 
सम्प्रेष्यमाणो नागेन्द्रो वज्रदत्तेन धीमता।
उत्पतिष्यन्निवाकाशमभिदुद्राव पाण्डवम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
बुद्धिमान वज्रदत्त के द्वारा प्रेरित होकर गजराज पाण्डुपुत्र अर्जुन की ओर इस प्रकार दौड़ा, मानो आकाश में उड़ जाना चाहता हो॥6॥
 
Driven by the wise Vajradatta, the elephant king ran towards Arjuna, son of Pandu, as if he wanted to fly into the sky. 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)