vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व
»
अध्याय 76: अर्जुनके द्वारा वज्रदत्तकी पराजय
»
श्लोक 5
श्लोक
14.76.5
इत्येवमुक्त्वा संक्रुद्धो वज्रदत्तो नराधिप:।
प्रेषयामास कौरव्य वारणं पाण्डवं प्रति॥ ५॥
अनुवाद
कुरुनन्दन! ऐसा कहकर राजा वज्रदत्त ने क्रोध में भरकर पुनः अपना हाथी पाण्डुपुत्र अर्जुन की ओर दौड़ाया॥5॥
Kurunandan! Saying this, King Vajradatta, filled with anger, again drove his elephant towards Pandu's son Arjuna. 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×