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mahabharat 14.76.4: मेरे वृद्ध पिता भगदत्त तुम्हारे पिता के मित्र थे, फिर भी तुमने उन्हें मार डाला। मेरे पिता वृद्ध थे, इसलिए वे तुम्हारे हाथों मारे गए। आज मैं, उनका पुत्र, तुम्हारे समक्ष उपस्थित हूँ; मुझसे युद्ध करो।॥4॥   |   mahabharat अध्याय 14.76: अर्जुनके द्वारा वज्रदत्तकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 76: अर्जुनके द्वारा वज्रदत्तकी पराजय  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  14.76.4 
त्वया वृद्धो मम पिता भगदत्त: पितु: सखा।
हतो वृद्धो मम पिता शिशुं मामद्य योधय॥ ४॥
 
 
अनुवाद
मेरे वृद्ध पिता भगदत्त तुम्हारे पिता के मित्र थे, फिर भी तुमने उन्हें मार डाला। मेरे पिता वृद्ध थे, इसलिए वे तुम्हारे हाथों मारे गए। आज मैं, उनका पुत्र, तुम्हारे समक्ष उपस्थित हूँ; मुझसे युद्ध करो।॥4॥
 
My aged father Bhagadatta was your father's friend, yet you killed him. My father was old, so he was killed by your hands. Today I, his son, am present before you; fight with me.'॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)