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श्री महाभारत
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पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व
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अध्याय 76: अर्जुनके द्वारा वज्रदत्तकी पराजय
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श्लोक 3
श्लोक
14.76.3
अर्जुनार्जुन तिष्ठस्व न मे जीवन् विमोक्ष्यसे।
त्वां निहत्य करिष्यामि पितुस्तोयं यथाविधि॥ ३॥
अनुवाद
अर्जुन! अर्जुन! खड़ा हो जा। आज मैं तुझे जीवित नहीं छोडूँगा। तुझे मारकर मैं अपने पिता का विधिपूर्वक तर्पण करूँगा।॥3॥
Arjuna! Arjuna! Stand up. Today I will not leave you alive. After killing you I will perform the proper oblations to my father.॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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