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mahabharat 14.76.24: हे प्रभु! अपने भाई की यह बात मानकर मैं आपको नहीं मार रहा हूँ। राजा! उठो, तुम्हें कोई भय नहीं है। सकुशल घर लौट जाओ॥ 24॥   |   mahabharat अध्याय 14.76: अर्जुनके द्वारा वज्रदत्तकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 76: अर्जुनके द्वारा वज्रदत्तकी पराजय  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  14.76.24 
इति भ्रातृवच: श्रुत्वा न हन्मि त्वां नराधिप।
उत्तिष्ठ न भयं तेऽस्ति स्वस्तिमान् गच्छ पार्थिव॥ २४॥
 
 
अनुवाद
हे प्रभु! अपने भाई की यह बात मानकर मैं आपको नहीं मार रहा हूँ। राजा! उठो, तुम्हें कोई भय नहीं है। सकुशल घर लौट जाओ॥ 24॥
 
O Lord! Having accepted this statement of my brother, I am not killing you. King! Get up, you have nothing to fear. Return home safely.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)