श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 76: अर्जुनके द्वारा वज्रदत्तकी पराजय  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  14.76.16 
तत: पुनरभिक्रुद्धो राजा प्राग्ज्योतिषाधिप:।
प्रेषयामास नागेन्द्रं बलवत् पर्वतोपमम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
तब प्राग्ज्यौतिषपुर के स्वामी राजा वज्रदत्त ने अत्यन्त क्रोधित होकर अपने पर्वत समान राजा गजराज को पुनः बलपूर्वक आगे बढ़ाया ॥16॥
 
Then King Vajradatta, the lord of Pragjyotishpur, became very angry and again pushed his mountain-like king Gajraj forward with force. 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)