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mahabharat 14.76.12: क्रोधित होकर पाण्डुपुत्र अर्जुन ने अपने बाणों से हाथी को उसी प्रकार रोक दिया, जैसे तट उमड़ते हुए समुद्र को रोक देता है ॥12॥   |   mahabharat अध्याय 14.76: अर्जुनके द्वारा वज्रदत्तकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 76: अर्जुनके द्वारा वज्रदत्तकी पराजय  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  14.76.12 
ततस्तं वारणं क्रुद्ध: शरजालेन पाण्डव:।
निवारयामास तदा वेलेव मकरालयम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
क्रोधित होकर पाण्डुपुत्र अर्जुन ने अपने बाणों से हाथी को उसी प्रकार रोक दिया, जैसे तट उमड़ते हुए समुद्र को रोक देता है ॥12॥
 
Enraged, Arjuna, the son of Pandu, stopped the elephant with his arrows, just as the shore stops the surging sea. ॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)