श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 75: अर्जुनका प्राग्ज्योतिषपुरके राजा वज्रदत्तके साथ युद्ध  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  14.75.15 
स तान् दृष्ट्वा तथा छिन्नांस्तोमरान् भगदत्तज:।
इषूनसक्तांस्त्वरित: प्राहिणोत् पाण्डवं प्रति॥ १५॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार उन तोमरों को टुकड़े-टुकड़े होते देख भगदत्तपुत्र ने शीघ्रतापूर्वक पाण्डुनन्दन अर्जुन पर निरन्तर बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी ॥15॥
 
Thus, seeing those Tomaras broken into pieces, the son of Bhagadatta quickly started raining arrows continuously on Pandunandan Arjun. 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)