श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 75: अर्जुनका प्राग्ज्योतिषपुरके राजा वज्रदत्तके साथ युद्ध  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  14.75.11 
प्रचोद्यमान: स गजस्तेन राज्ञा महाबल:।
तदाङ्कुशेन विबभावुत्पतिष्यन्निवाम्बरम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
जब राजा वज्रदत्त ने उस शक्तिशाली हाथी को अंकुश से मारकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया, तो वह ऐसे उछला मानो आकाश में उड़ जाएगा।
 
When King Vajradatta spurred that mighty elephant to move forward by hitting it with the goad, it leapt forward as if it would fly into the sky.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)