vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व
»
अध्याय 75: अर्जुनका प्राग्ज्योतिषपुरके राजा वज्रदत्तके साथ युद्ध
»
श्लोक 11
श्लोक
14.75.11
प्रचोद्यमान: स गजस्तेन राज्ञा महाबल:।
तदाङ्कुशेन विबभावुत्पतिष्यन्निवाम्बरम्॥ ११॥
अनुवाद
जब राजा वज्रदत्त ने उस शक्तिशाली हाथी को अंकुश से मारकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया, तो वह ऐसे उछला मानो आकाश में उड़ जाएगा।
When King Vajradatta spurred that mighty elephant to move forward by hitting it with the goad, it leapt forward as if it would fly into the sky.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×