श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 74: अर्जुनके द्वारा त्रिगर्तोंकी पराजय  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  14.74.26 
ततो हलहलाशब्दो दिवस्पृगभवत् तदा।
नानाविधानां भूतानां तत्कर्माणि प्रशंसताम्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
तब सारा आकाश नाना प्रकार के प्राणियों के कोलाहल से भर गया, जो अर्जुन के पराक्रम की प्रशंसा कर रहे थे।
 
Then the entire sky was filled with the noise of various kinds of creatures praising the prowess of Arjuna. 26.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)