Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.73.5: धर्मपुत्र राजा युधिष्ठिर काले मृग की खाल, हाथ में गदा और रेशमी वस्त्र धारण किए हुए, अधिक तेजस्वी थे और यज्ञमण्डप में प्रजापति के समान शोभा पा रहे थे॥5॥ | mahabharat अध्याय 14.73: सेनासहित अर्जुनके द्वारा अश्वका अनुसरण । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कृष्णाजिनी दण्डपाणि: क्षौमवासा: स धर्मज:।
विबभौ द्युतिमान् भूय: प्रजापतिरिवाध्वरे॥ ५॥
अनुवाद
धर्मपुत्र राजा युधिष्ठिर काले मृग की खाल, हाथ में गदा और रेशमी वस्त्र धारण किए हुए, अधिक तेजस्वी थे और यज्ञमण्डप में प्रजापति के समान शोभा पा रहे थे॥5॥
King Yudhishthir, the son of Dharma, wearing black deer skin, a club in his hand and silk clothes, was more radiant and was looking like Prajapati in the Yagya Mandap. 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥