श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 73: सेनासहित अर्जुनके द्वारा अश्वका अनुसरण  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  14.73.3 
हयश्च हयमेधार्थं स्वयं स ब्रह्मवादिना।
उत्सृष्ट: शास्त्रविधिना व्यासेनामिततेजसा॥ ३॥
 
 
अनुवाद
अमित तेजस्वी ब्रह्मवादी व्यासजी ने स्वयं अश्वमेध यज्ञ के लिए चुने हुए घोड़े को शास्त्रीय विधि के अनुसार छोड़ा ॥3॥
 
Amit Tejasvi Brahmavdi Vyasji himself released the horse selected for Ashwamedha Yagya according to the classical method. 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)