vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व
»
अध्याय 73: सेनासहित अर्जुनके द्वारा अश्वका अनुसरण
»
श्लोक 16-17h
श्लोक
14.73.16-17h
एवमाद्या मनुष्याणां स्त्रीणां च भरतर्षभ॥ १६॥
शुश्राव मधुरा वाच: पुन: पुनरुदारधी:।
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ! इस प्रकार उदारचित्त अर्जुन ने स्त्रियों और पुरुषों के मधुर वचनों को बार-बार सुना।
O best of the Bharatas! In this manner, Arjuna of a generous mind repeatedly listened to the sweet words spoken by women and men. 16 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×