श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 73: सेनासहित अर्जुनके द्वारा अश्वका अनुसरण  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  14.73.13 
एवं शुश्राव वदतां गिरो जिष्णुरुदारधी:।
स्वस्ति तेऽस्तु व्रजारिष्टं पुनश्चैहीति भारत॥ १३॥
 
 
अनुवाद
उदारचित्त अर्जुन ने लोगों को आपस में इस प्रकार बातें करते सुना - 'भारत! तुम्हारा कल्याण हो। शांतिपूर्वक जाओ और सकुशल लौट आओ।'॥13॥
 
The generous-minded Arjuna heard the people talking to each other in this manner - 'Bharat! May you be blessed. Go in peace and return safely.'॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)