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mahabharat 14.73.10: यज्ञ के घोड़े और उसके पीछे चल रहे अर्जुन को देखने के लिए जो लोग इकट्ठे हुए थे, वे इतने विशाल थे कि आपस में धक्का-मुक्की और धक्का-मुक्की के कारण सभी पसीने से तरबतर हो रहे थे॥10॥   |   mahabharat अध्याय 14.73: सेनासहित अर्जुनके द्वारा अश्वका अनुसरण   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.73.10 
तेषामन्योन्यसम्मर्दादूष्मेव समजायत।
दिदृक्षूणां हयं तं च तं चैव हयसारिणम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
यज्ञ के घोड़े और उसके पीछे चल रहे अर्जुन को देखने के लिए जो लोग इकट्ठे हुए थे, वे इतने विशाल थे कि आपस में धक्का-मुक्की और धक्का-मुक्की के कारण सभी पसीने से तरबतर हो रहे थे॥10॥
 
The people who had gathered to see the sacrificial horse and Arjuna following it were so huge that everyone was sweating profusely from the pushing and shoving among themselves.॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)