Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.72.25: वैशम्पायनजी कहते हैं - राजन ! अपने भाई सव्यसाची अर्जुन से ऐसा कहकर धर्मात्मा राजा युधिष्ठिर ने नगर की रक्षा का भार भीमसेन और नकुल को सौंप दिया ॥25॥ | mahabharat अध्याय 14.72: व्यासजीकी आज्ञासे अश्वकी रक्षाके लिये अर्जुनकी, राज्य और नगरकी रक्षाके लिये भीमसेन और नकुलकी तथा कुटुम्ब-पालनके लिये सहदेवकी नियुक्ति । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायन उवाच
एवमुक्त्वा स धर्मात्मा भ्रातरं सव्यसाचिनम्।
भीमं च नकुलं चैव पुरगुप्तौ समादधत्॥ २५॥
अनुवाद
वैशम्पायनजी कहते हैं - राजन ! अपने भाई सव्यसाची अर्जुन से ऐसा कहकर धर्मात्मा राजा युधिष्ठिर ने नगर की रक्षा का भार भीमसेन और नकुल को सौंप दिया ॥25॥
Vaishampayanji says – King! Saying this to his brother Savyasachi Arjun, the righteous king Yudhishthir handed over the responsibility of protecting the city to Bhimsen and Nakul. 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥