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mahabharat 14.72.23: हे महाबाहो! हे निष्पाप अर्जुन! घोड़े की रक्षा करते हुए तुम्हें अपने सामने आने वाले राजाओं से युद्ध करने से बचने का पूरा प्रयत्न करना चाहिए।॥23॥   |   mahabharat अध्याय 14.72: व्यासजीकी आज्ञासे अश्वकी रक्षाके लिये अर्जुनकी, राज्य और नगरकी रक्षाके लिये भीमसेन और नकुलकी तथा कुटुम्ब-पालनके लिये सहदेवकी नियुक्ति   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 72: व्यासजीकी आज्ञासे अश्वकी रक्षाके लिये अर्जुनकी, राज्य और नगरकी रक्षाके लिये भीमसेन और नकुलकी तथा कुटुम्ब-पालनके लिये सहदेवकी नियुक्ति  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  14.72.23 
ये चापि त्वां महाबाहो प्रत्युद्यान्ति नराधिपा:।
तैर्विग्रहो यथा न स्यात् तथा कार्यं त्वयानघ॥ २३॥
 
 
अनुवाद
हे महाबाहो! हे निष्पाप अर्जुन! घोड़े की रक्षा करते हुए तुम्हें अपने सामने आने वाले राजाओं से युद्ध करने से बचने का पूरा प्रयत्न करना चाहिए।॥23॥
 
O mighty-armed one! O sinless Arjuna! While protecting the horse, you should try your best to avoid fighting with the kings who come in front of you. ॥23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)