श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 70: श्रीकृष्णद्वारा राजा परिक्षित् का नामकरण तथा पाण्डवोंका हस्तिनापुरके समीप आगमन  »  श्लोक 7-8
 
 
श्लोक  14.70.7-8 
तत्र मल्ला नटाश्चैव ग्रन्थिका: सौख्यशायिका:॥ ७॥
सूतमागधसंघाश्चाप्यस्तुवंस्तं जनार्दनम्।
कुरुवंशस्तवाख्याभिराशीर्भिर्भरतर्षभ॥ ८॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् मल्ल, नट, ज्योतिषी, सुख समाचार पूछने वाले सेवक तथा सूत और मागधों का समुदाय कुरुवंश की स्तुति और आशीर्वाद के साथ भगवान श्रीकृष्ण का गुणगान करने लगे॥7-8॥
 
Bharatshrestha! Thereafter, Mallas, Nats, astrologers, servants asking for news of happiness and the community of Sutas and Magadhas started singing the praises of Lord Krishna along with the praises and blessings of the Kuru dynasty. 7-8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)