श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 7: संवर्त और मरुत्तकी बातचीत, मरुत्तके विशेष आग्रहपर संवर्तका यज्ञ करानेकी स्वीकृति देना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  14.7.19 
संवर्त उवाच
चिकीर्षसि यथाकामं सर्वमेतत् त्वयि ध्रुवम्।
यदि सर्वानभिप्रायान् कर्तासि मम पार्थिव॥ १९॥
 
 
अनुवाद
संवर्त बोले - हे पृथ्वीपति! यदि आप मेरी इच्छानुसार कार्य करें तो आपकी जो भी इच्छा है वह अवश्य पूरी होगी॥19॥
 
Samvarta said - O Lord of the Earth! If you do as I wish, then whatever you desire will certainly be fulfilled.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)