श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 69: उत्तराका विलाप और भगवान‍् श्रीकृष्णका उसके मृत बालकको जीवन-दान देना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  14.69.19 
नोक्तपूर्वं मया मिथ्या स्वैरेष्वपि कदाचन।
न च युद्धात् परावृत्तस्तथा संजीवतामयम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
मैंने खेल में भी कभी झूठ नहीं बोला और युद्ध में भी कभी पीठ नहीं दिखाई। इस शक्ति के प्रभाव से यह अभिमन्युपुत्र पुनः जीवित हो जाए॥19॥
 
I have never spoken a lie even in sports and I have never turned my back in war. May this son of Abhimanyu be brought back to life by the effect of this power.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)