Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 14.69.17: तत्पश्चात् शुद्ध हृदय वाले और अपने तेज से कभी विचलित न होने वाले भगवान श्रीकृष्ण ने उस बालक को पुनः जीवित करने का वचन दिया और सम्पूर्ण जगत् को सुनाते हुए इस प्रकार कहा- 17॥ | mahabharat अध्याय 14.69: उत्तराका विलाप और भगवान् श्रीकृष्णका उसके मृत बालकको जीवन-दान देना । mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रतिजज्ञे च दाशार्हस्तस्य जीवितमच्युत:।
अब्रवीच्च विशुद्धात्मा सर्वं विश्रावयन् जगत्॥ १७॥
अनुवाद
तत्पश्चात् शुद्ध हृदय वाले और अपने तेज से कभी विचलित न होने वाले भगवान श्रीकृष्ण ने उस बालक को पुनः जीवित करने का वचन दिया और सम्पूर्ण जगत् को सुनाते हुए इस प्रकार कहा- 17॥
After that, Lord Krishna, who had a pure heart and never deviated from his glory, promised to bring that child back to life and while narrating to the whole world, said thus - 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥