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mahabharat 14.69.11: बेटा! उठो! देखो! तुम्हारी परदादी (कुंती) कितनी दुःखी हैं। वे तुम्हारे लिए दुःखी, व्यथित और दुःखी हैं तथा शोक के समुद्र में डूब गई हैं॥ 11॥   |   mahabharat अध्याय 14.69: उत्तराका विलाप और भगवान‍् श्रीकृष्णका उसके मृत बालकको जीवन-दान देना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 69: उत्तराका विलाप और भगवान‍् श्रीकृष्णका उसके मृत बालकको जीवन-दान देना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  14.69.11 
उत्तिष्ठ पुत्र पश्येमां दु:खितां प्रपितामहीम्।
आर्तामुपप्लुतां दीनां निमग्नां शोकसागरे॥ ११॥
 
 
अनुवाद
बेटा! उठो! देखो! तुम्हारी परदादी (कुंती) कितनी दुःखी हैं। वे तुम्हारे लिए दुःखी, व्यथित और दुःखी हैं तथा शोक के समुद्र में डूब गई हैं॥ 11॥
 
Son! Get up. Look! How sad your great-grandmother (Kunti) is. She is sad, distressed and sad for you and has drowned in the sea of ​​grief.॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)