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mahabharat 14.66.4-5: वे सुभद्रा के साथ आये थे और बलदेव उनके आगे चल रहे थे। उनके शुभ आगमन का उद्देश्य द्रौपदी, उत्तरा और कुन्ती से मिलना तथा उन समस्त क्षत्रिय स्त्रियों को आश्वस्त करना और उनका उत्साहवर्धन करना था जिनके पति मारे गए थे॥4-5॥   |   mahabharat अध्याय 14.66: श्रीकृष्णका हस्तिनापुरमें आगमन और उत्तराके मृत बालककोजिलानेके लियेकुन्तीकी उनसे प्रार्थना   ।   mahabharat पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  14.66.4-5 
बलदेवं पुरस्कृत्य सुभद्रासहितस्तदा॥ ४॥
द्रौपदीमुत्तरां चैव पृथां चाप्यवलोकक:।
समाश्वासयितुं चापि क्षत्रिया निहतेश्वरा:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
वे सुभद्रा के साथ आये थे और बलदेव उनके आगे चल रहे थे। उनके शुभ आगमन का उद्देश्य द्रौपदी, उत्तरा और कुन्ती से मिलना तथा उन समस्त क्षत्रिय स्त्रियों को आश्वस्त करना और उनका उत्साहवर्धन करना था जिनके पति मारे गए थे॥4-5॥
 
He had come with Subhadra, with Baladev leading the way. The purpose of his auspicious visit was to meet Draupadi, Uttara and Kunti and to assure and encourage all the Kshatriya women whose husbands had been killed.॥ 4-5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)