श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 66: श्रीकृष्णका हस्तिनापुरमें आगमन और उत्तराके मृत बालककोजिलानेके लियेकुन्तीकी उनसे प्रार्थना  »  श्लोक 3-4h
 
 
श्लोक  14.66.3-4h 
रौक्मिणेयेन सहितो युयुधानेन चैव ह।
चारुदेष्णेन साम्बेन गदेन कृतवर्मणा॥ ३॥
सारणेन च वीरेण निशठेनोल्मुकेन च।
 
 
अनुवाद
उनके साथ रुक्मिणीनन्दन प्रद्युम्न, सात्यकि, चारुदेष्ण, साम्ब, गद, कृतवर्मा, सारण, वीर निषथ और उल्मुक भी थे। 3 1/2॥
 
Rukmininandan Pradyumna, Satyaki, Charudeshna, Samba, Gad, Kritavarma, Saran, Veer Nishath and Ulmuk were also with him. 3 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)