श्री महाभारत  »  पर्व 14: आश्वमेधिक पर्व  »  अध्याय 66: श्रीकृष्णका हस्तिनापुरमें आगमन और उत्तराके मृत बालककोजिलानेके लियेकुन्तीकी उनसे प्रार्थना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  14.66.11 
तत: सोऽतित्वर: कृष्णो विवेशान्त:पुरं तदा।
युयुधानद्वितीयो वै व्यथितेन्द्रियमानस:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
इससे भगवान श्रीकृष्ण का मन और इन्द्रियाँ व्याकुल हो उठीं। वे सात्यकि को साथ लेकर बड़ी शीघ्रता से अन्तःकक्ष में पहुँचे।
 
Due to this Lord Krishna's mind and senses became agitated. He took Satyaki along with him and in great haste reached the inner chamber. 11.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)